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Archive for the ‘अपने liye’ Category

> सूरज से चंद किरनें ली उधार. फूलों से ली खुशबू $जरा सी. गुरुओं से लिया आर्शीवाद, किताबों से एक नाता चुना, दोस्तों की शुभकामनाएं, आंखों में ढेर सारे सपने, हौसले थोड़े और जिंदगी के साज पर बज उठा एक राग मेरे होने का. यही तो था वो दिन जब हमने जन्म लिया लेकिन इस जन्मे को सार्थकता देना बाकी है अभी…आधी-अधूरी मुस्कुराहटों के नाम ही सही आज का दिन।

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