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Archive for the ‘इंतजार का सुख’ Category

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नदियों ने छोड़ दिये रास्ते,
पहाड़ों ने मंजूर कर लिया पीछे हटना,
फूलों ने सीख लिया टहनियों पर ठहरना,
हवाओं में दाखिल हो गई शाइस्तगी
सेहरा सारे पानियों से भर गये,
आंखों में उतर आये अनगिनत सपने,
मेरी ही तरह इन सबको भी हुआ है
वहम उनके आने का…

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